उत्तराखंड में विधानसभा में भर्ती के मामले में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जो जांच कमेटी गठित की है उसे प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने अपूर्ण करार दिया है उनके अनुसार केवल नियम ही नहीं नैतिकता क़ो भी देखा जाना चाहिए और इसकी भी जाँच होनी चाहिए की क्या नैतिकता की कसौटी पर विधानसभा में अपने करीबियों क़ो नौकरी दी जानी कहा तक जायज है।
उन्होंने कहा जनप्रतिनिधि का विशेषधिकार होता है लेकिन उसका मतलब यें नहीं की युवाओं के हिस्से क़ो मारकर अपने लोगो क़ो रेवड़ी बाटने के लिए विशेषाधिकार का उपयोग करें उनके अनुसार इस मामले में जन प्रतिनिधि रहते हुए लोक तंत्र का चीर हरण किया गया है।
करन माहरा ने साफ कहा कि मैंने जब सवाल खडे करने शुरू किए तो कांग्रेस और बीजेपी के नेताओ के सुर एक जैसे दिखाई देने लगे उन्होंने साफ कहा मेरा नेता राहुल गाँधी है जो हमेशा युवाओं के न्याय के लिए लड़ता है मैं भी लड़ाई लड़ता रहूँगा। करन माहरा ने कहा की यें पीएम मोदी का लिटमस टेस्ट होगा जो लाल किले के प्राचीर से उन्होंने कहा था ना खाऊंगा ना खाने दूंगा ऐसे में जो लोग इसमें संलिप्त है क्या मोदी जी उन्हें पदों से हटाएंगे




