उत्तराखंड

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में ऐसे उठ रहे सवाल , सचिव को देने पड़े जांच के आदेश

उत्तराखंड के अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती के आदेश हुए चार दिन भी नहीं बीते थे कि अब नियुक्ति प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है। यूएसनगर के जूनियर हाईस्कूलों में हाल में हुई नियुक्तियों में लेन-देन का आरोप लगने पर शिक्षा महानिदेशक आर. मीनाक्षी सुंदरम ने निदेशक आरके कुंवर को जांच कराने के आदेश दे दिए।निदेशक के निर्देश पर यूएसनगर के सीईओ जांच करेंगे। मालूम हो कि, हाल में यूएसनगर में बीएड प्रशिक्षित युवाओं ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे, महानिदेशक शिक्षा आर. मीनाक्षी सुंदरम से अशासकीय स्कूलों की भर्तियों में लेन-देन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई थी। उन्होंने इन स्कूलों में चयन प्रक्रिया को विभागीय निगरानी में पारदर्शिता के साथ दोबारा करवाने की भी पैरवी की थी।
राज्यभर में भरे जाने हैं खाली पद: देहरादून। राज्य सरकार ने 18 जनवरी को अशासकीय स्कूलों में खाली पदों पर भर्ती की मंजूरी दी है। लंबे समय से खाली पदों को हाल में सरकार ने दोबारा मान्य किया है। दूसरी ओर, अशासकीय स्कूलों की चयन की प्रक्रिया पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में अशासकीय स्कूलों की नियुक्तियों में पारदर्शिता लाने के लिए माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया था, लेकिन पिछले छह साल से यह मामला फाइलों में ‘गुम’ है।अशासकीय स्कूलों की नियुक्तियों में अनियमितता का ताजा उदाहरण सीएनआई ब्वॉयज इंटर कॉलेज के नवनियुक्त प्रवक्ता जेरॉल्ड जॉन हैं। वर्ष 1989 में इंटरव्यू में टॉपर रहने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिल पाई थी। 30 साल बाद अदालत के आदेश पर राज्य सरकार ने जेरॉल्ड को इसी साल नौ जनवरी को उसी पद पर ज्वाइन कराया।अशासकीय स्कूलों में नियुक्ति के लिए सरकार ने मानक तय किए हैं। उन्हीं मानकों के अनुसार नियुक्तियां होंगी। अफसरों को साफ निर्देश दिए गए कि नियुक्ति प्रक्रिया में सौ फीसदी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
अरविंद पांडे, शिक्षा मंत्री

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