देखिये दबंग विधायक अमन मणि की उत्तराखंड में दबंगई देखिएvisual

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड से आज की सबसे बड़ी खबर यूपी के विधायक अमनमणि त्रिपाठी के काफिले को बयासी मुनी की रेती थाने में रोककर अनुमति के विपरीत 12 लोगों के सवार होने आपदा एवं संक्रमण में अधिनियम का उल्लंघन करने पर पुलिस ने तीनों वाहनों में सवार 12 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई संपन्न की है इस संपूर्ण कार्रवाई का नेतृत्व सीओ नरेंद्र नगर प्रमोद कुमार साह द्वारा किया गया अमनमणि त्रिपाठी विधायक महाराजगंज तथा 11 अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 188, 269, 270 आईपीसी आपदा प्रबंधन अधिनियम धारा 51 संक्रमित महामारी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की गई है उल्लेखनीय है अनुमति का उल्लंघन करने के मामले में आज जनपद चमोली गोचर से वापस लौटाया गया था आपको बता दे की विधायक अमनमणि त्रिपाठी ने उत्तराखंड मे उड़ाई लॉक डाउन की धज्जियां।11 लोगों के साथ पहुंचे थे चमोली।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट के पित्र कार्य पूरे करने हेतु मांगी थी अनुमति।

उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने जारी की थी 11 लोगों की अनुमति।डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत धार्मिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से आम जनता के लिए बंद है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाई महेंद्र ने किसी भी तरह के पित्र कार्य को नकारा दिया था

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट की अस्थियों को किया जा चुका है प्रवाहितआखिर बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बावजूद अमनमणि त्रिपाठी उत्तराखंड में क्यों करने दिया गया प्रवेश

अमनमणि त्रिपाठी को किसी भी जिलाधिकारी ने नहीं किया कोरेन्टीन अब जब मामला मीडिया में उठा तो किया गया अभियोग पंजीकृत

तीन गाड़ियों में चमोली पहुंचे अमनमणि त्रिपाठी ने एसडीएम कर्णप्रयाग के साथ भी की बदसलूकी।। हालांकि चमोली जिला प्रसाशन ने विधायक को नहीं जाने दिया गया जिले के अंदर फिर विधायक को करनी पड़ी वापसी बड़ा सवाल उत्तराखंड की ग्रीन जोन की जनता के लिए भी केदारनाथ के दर्शन उपलब्ध नहीं है लेकिन रेड जोन से आये विधायक और उनके लोगो को क्यों जाने दिया गया चमोली वहीं शास्त्रों के द्वारा बताया गया है की पिता के पितृ कार्य बेटा ही करता है और विधायक और उनके साथ मे आया कोई भी स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट का बेटा तो छोड़िए दूर का रिश्तेदार भी नहीं है तो फिर इन्हें क्यों पास बनाकर दिया गया ।

 153 total views

Ad
Ad
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *