मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत बोले मुझे जींस से नहीं, फटी जींस से ऐतराज है, किसी को बुरा लगा हो तो क्षमा चाहता हूं..

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देहरादून । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा युवाओं के लिए आयोजित एक कार्यक्रम कही गई बात कि आजकल युवा फटी जींस पहनकर चल रहे हैं क्‍या ये सही है, ये कैसे संस्‍कार है? सीएम का यह बयान कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर सोशल मीडिया पर इस टैग के साथ वायरल कर दिया गया कि महिलाओं के पहनावे का अपमान किया गया है। बयान के सामने आने के बाद आम जनता ने बड़ी संख्या में सोशल मीडिया के माध्यम से इसका समर्थन किया और इसके समर्थन में लिखने के साथ ही मुख्यमंत्री के बयान पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया। तो वहीं पश्चिमी सभ्यता की पैरवी करने वाले चंद लोगों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने इस बयान पर राजनीति शुरू करने के साथ मुख्यमंत्री के छवि को धूमिल करना शुरू कर दिया। इस बयान को सोशल मीडिया में ट्रोल कराया जाने लगा। जिसके बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सामने आकर पूरे मामले पर अपनी बात कही। उन्होंने कहा मुझे जींस से नहीं, फटी जींस से ऐतराज है। जींस तो मैं खुद भी पहना करता था लेकिन अब किसी को फटी जींस ही पहनना है तो मैं क्या कर सकता हूं? किसी को मेरे कहने से बुरा लगा तो मै क्षमा चाहता हूं.गौरतलब है कि दें कि उत्‍तराखंड के सीएम ने बयान दिया था कि आजकल युवा फटी जींस पहनकर चल रहे हैं क्‍या ये सही है, ये कैसा संस्‍कार है? सीएम का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि मामला बढ़ता देख सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि अगर उनकी बात किसी को बुरी लगी हो तो वो इसके लिए माफी मांगते हैं।

*बचपन में हमारी पैंट फटती थी तो हम टैग लगाकर उसे सिल देते थे – तीरथ*
एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल से बात करते हुए उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा, मैं एक सामानय ग्रामीण परिवार से आया हूं. जब हम लोग स्‍कूल जाया करते थे और गलती से हमारी पैंट फट जाती थी तो हमें पता होता था कि आज गुरुजी डांटेंगे। डांट से बचने के लिए हम पैंट में टैग लगाकर उसे सिल लिया करते थे। यानी जो फटा हिस्‍सा होता था उसे ढक लिया करते थे। अब बच्चा 4000 या 2000 की जींस लेता है, वो पहले देखता है कि जींस फटी है कि नहीं, अगर फटी नहीं है तो वह घर जाकर उस पर कैंची चला देता है, तो क्या बुरा कहा मैंने? मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ गलत कहा है। सीएम रावत ने आगे कहा कि संस्कार और अनुशासन, परिवार में होगा तो वह कभी असफल नहीं होंगे। सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं बल्कि बच्चे को इस रूप में भी ढालना चाहिए, तो इसमें मैंने बुरा क्या कहा?*मेरी भी बेटी और ये नियम उस पर लागू होता है- तीरथ*
सीएम रावत ने कहा कि संस्कार और अनुशासन, परिवार में होगा तो वह कभी असफल नहीं होंगे। उन्‍होंने कहा कि बच्‍चों को किताबी ज्ञान के साथ साथ अनुशासन सिखाना भी परिवार के सदस्‍यों की जिम्‍मेदारी है। उन्‍होंने कहा कि मेरी भी बेटी और ये नियम उस पर लागू होता है। उन्होंने कहा कि मुझे जींस से नहीं, फटी जींस से ऐतराज है। अगर किसी को इस तरह की जींस पहनना पसंद है तो मैं क्या कर सकता हूं? किसी को मेरी बात का बुरा लगा हो तो मैं क्षमा चाहता हूं।

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