नत्थनपुर में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दो करोड़ की लागत के नलकूपों का किया लोकार्पण

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नत्थनपुर के वार्ड 94 व 95 में दो करोड़ की लागत के दो नलकूपों का लोकार्पण किया। साथ ही बटन दबाकर ट्यूबवैल का उद्घाटन किया। इससे क्षेत्र की करीब 30 हजार की आबादी की पेयजल समस्या दूर हो गई है। साथ ही इस क्षेत्र में 30 सालों में बढ़ने वाली आबादी की पेयजल समस्या का भी हल हो गया है।इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी को होली की सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि होली नवजीवन और नवस्फरण का प्रतीक है। उल्लास और उत्साह का यह त्यौहार सभी लोगों की जिंदगी में समृद्धि लाए, ऐसी मैं कामना करता हूं।उन्होंने कहा कि 30 साल की अवधि के हिसाब से ये नलकूप क्षेत्र की पेयजल समस्या को हल करेंगे। उन्होंने कहा कि नलकूप का उद्घाटन करते हुए उनके मन में एक टीस सी उभरती है कि हम जमीन से अपनी जरूरत के लिए पानी तो खींच रहे हैं लेकिन पानी धरती में जाए, इसके लिए क्या व्यवस्था कर रहे हैं। क्या ये हम पानी आजीवन खींचते रहेंगे, क्या भावी पीढ़ी के लिए क्या जल बचाएंगे। यह जरूर चिंता का विषय है। कुछ दिन पहले ही हमने जल दिवस मनाया और पूरी दुनिया ने उस पर चिंता व्यक्त् की है। यद्यपि सभी के लिए खुशी की बात है कि उत्तराखंड में चार सालों में हमने जो जल संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया, उसके परिणामस्वरूप प्रदेश में एक दो शहरों को छोड़ दें तो सभी शहरों में ग्राउंड लेवल वाटर पहले से अधिक बढ़ गया है। भूमिगत जल के जो आंकड़े आएं हैं वह हमारे लिए अच्छा संकेत हैं लेकिन बरसाती जल के पानी को भूमि में डाल कर रिचार्ज करने के लिए हम सभी को अपने घर से व्यवस्था करनी चाहिए। इस पानी का कई तरह से हम इस्तेमाल कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि सौंगबांध की सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। इस बांध को 365 दिन में पूरा करने की योजना बनाई थी। अब नए मुख्यमंत्री जल्द ही इसका शिलान्यास करेंगे। इसी तरह से जमरानी बांध के लिए भी धनराशि मंजूर हो गई है। देहरादून और हल्द्वानी की सालों की पानी की समस्या इससे दूर होगी। इसी तरह से हर जिले में जलाश्यों का निर्माण कर हमने जनता के सहयोग से पानी की समस्या दूर करने के लिए योजना तैयार की थी। भविष्य में हम इसका उपयोग सिंचाई कार्यों में भी कर सकते हैं।पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि अब हमें आगे की सोचने की जरूरत है।

चार साल में मैंने सरकारी सिस्टम को ठीक करने और सही लाइन पर लाने की कोशिश की। क्योंकि यदि सिस्टम सुधर गया तो सभी व्यवस्थाएं खुद ब खुद ठीक हो जाएंगी। गुड गवर्नेंस की दिशा में हमने कार्य किया जिससे आम आदमी को सचिवालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े।उन्होंने कहा कि हमने सभी विधायकों को कम से कम 50-50 करोड़ रुपए राज्य योजना में दिया। अन्य योजनाओं की धनराशि अलग से दी। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में 50-50 लाख रुपए सभी विधायकों के लिए दिए। सभी विधानसभा क्षेत्रों के गरीब परिवारों की लड़कियों के 11-11 हजार रुपए शादियों के लिए देने की व्यवस्था की। जिससे लोगों को छोटे -छोटे कार्यों के लिए विधायकों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रदेश के सभी लोगों के लिए अटल आयुष्मान योजना लागू की, जिससे किसी भी व्यक्ति को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। कोरोना वारियर्स को चाहे वह आंगनबाड़ी कार्यकत्री हों, या आशाएं या स्वास्थ्य कर्मी, सभी को प्रोत्साहन राशि दी है।त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि चार साल में हमें कृषि कर्मण, हैल्थ में अटल आयुष्मान योजना में टाप के तीनों पुरस्कार मिले। देश में टाप टेन थानों में हमें पुरस्कार मिला। हमने पुलिस थानों के लिए थाना निधि बनाई। पुलिस को कहा गया कि इस धनराशि का उपयोग अपराधियों को पकड़ने और क्राइम कंट्रोल करने में करें। उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों ने भाजपा को समर्थन देकर मजबूत किया है। आगे भी समर्थन देने की अपील की।

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