हरिद्वार महाकुंभ एक महीने का नहीं बल्कि 28 दिन का होगा, एक अप्रैल से होगी शुरुआत

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देहरादून । हरिद्वार में कुंभ मेला अब 28 दिन का होगा। साधु संतों से बातचीत के बाद प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है। जल्द ही कुंभ मेले की अधिसूचना जारी हो जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह जानकारी मीडिया को दी है। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कुंभ मेले के संबंध में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) यानी मानक प्रचालन प्रक्रिया जारी की थी।

उच्च न्यायालय ने भी राज्य सरकार को कोविड-19 महामारी के संबंध में आदेश दिए थे। राज्य सरकार को कुंभ की अवधि सीमित करने के लिए कहा गया था। इस संबंध में साधु संतों से बातचीत करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि कुंभ एक अप्रैल से 28 अप्रैल तक होगा। इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी।
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इस साल 12 नहीं 11 साल में ही मनाया जा रहा कुंभ
हरिद्वार में इस बार कुंभ वैसे भी 11 साल के बाद हो रहा है। वैसे कुंभ 12 साल बाद होता है। अब से पहले हरिद्वार में आयोजित कुंभ चार माह से अधिक समय का होता रहा है।
कुंभ 2021 के मुख्य स्नान
11 मार्च पहला शाही स्नान
12 अप्रैल सोमवती अमावस्या
14 अप्रैल मेष संक्रांति
27 अप्रैल वैशाख पूर्णिमा
– तीनों बैरागी अणियों दिगंबर, निर्मोही और निर्वाणी के हजारों बाबाओं, खालसों का आगमन 25 मार्च से शुरू हो जाएगा।
बच्चों और महिलाओं के लिए खुलेगा ‘सहायता केंद्र’

महाकुंभ में बच्चों और महिलाओं की सहायता के लिए सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। महिला कल्याण विभाग के जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बृहस्पतिवार को सीसीआर भवन में मेलाधिकारी दीपक रावत से मुलाकात की। सहायता केंद्र के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।
अधिकारियों ने बताया कि सहायता केंद्र की प्रमुख अवधारणा चाइल्ड फ्रेंडली, जीरो चाइल्ड मिसिंग, जीरो चाइल्ड लेबर, महिला फ्रेंडली है। केंद्र में छह वर्ष तक के बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी। यदि कोई महिला गंगा में स्नान करना चाहती है तो अपने छह साल तक के बच्चे को केंद्र में रख सकती है। उसके बच्चे की पूरी देखरेख एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था केंद्र की होगी। केंद्र में कन्नड़, मलयालम, गुजराती समेत कई भाषाओं को जानने वाले स्वयंसेवक होंगे।
यह लोग बच्चों और महिलाओं से उनकी ही भाषा में बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान भी करेंगे। मेलाधिकारी ने केंद्र स्थापित करने के लिए स्थान और फर्नीचर समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान अपर मेलाधिकारी रामजी शरण शर्मा, महिला कल्याण विभाग के जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश सिंह भदौरिया, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम समन्वयक दुर्गा चमोली आदि मौजूद रहे।

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