उत्तराखंड में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। बुधवार, 07 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के सभागार में विभाग के निदेशक राजपाल लेघा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक में एम.डी.टी.एस.एस. (MDTSS) योजना के क्रियान्वयन को लेकर कार्यदायी संस्था आईटीआई लिमिटेड (ITI Limited) के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में नए ई-चेक गेट्स (E-Check Gates) की स्थापना और वर्तमान में संचालित ई-चेक गेट्स के माध्यम से किए गए वाहन चालानों की समीक्षा करना था।
नए ई-चेक गेट्स की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश
समीक्षा के दौरान निदेशक राजपाल लेघा ने राज्य के विभिन्न संवेदनशील खनन क्षेत्रों और परिवहन मार्गों पर नए ई-चेक गेट्स के Installation (स्थापना) कार्य की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने आईटीआई लिमिटेड के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नए ई-चेक गेट्स को स्थापित करने की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का पालन किया जाए।
निदेशक ने कहा कि राज्य के सभी रणनीतिक चौकियों और चेक पोस्टों पर अत्याधुनिक तकनीक से लैस ई-चेक गेट्स के शुरू होने से ओवरलोडिंग और बिना ई-रवाना वाले खनन वाहनों पर स्वतः ही लगाम लग सकेगी।
ई-चेक गेट्स से हुए चालानों का हुआ मूल्यांकन
बैठक में वर्तमान में क्रियाशील ई-चेक गेट्स के जरिए किए गए वाहनों के ई-चालान आंकड़ों का गहन मूल्यांकन किया गया। विभाग ने पाया कि एआई (AI) आधारित कैमरों और स्वचालित वजन प्रणाली से चालानों की संख्या और सटीकता में वृद्धि हुई है। निदेशक ने चालान प्रक्रिया की तकनीकी दक्षता को और बेहतर बनाने पर बल दिया, ताकि कोई भी नियम तोड़ने वाला वाहन प्रणाली की नजर से बच न सके।
प्रभावी संचालन और त्वरित कार्रवाई के निर्देश
निदेशक राजपाल लेघा ने बैठक के दौरान अधिकारियों और आईटीआई लिमिटेड की टीम को निम्नलिखित प्रमुख दिशा-निर्देश जारी किए:
तकनीकी बाधाओं का समाधान: ई-चेक गेट्स के निरंतर संचालन में आ रही किसी भी प्रकार की तकनीकी खामियों और नेटवर्क समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत दुरुस्त किया जाए।
समयबद्ध निष्पादन: नए चिन्हित स्थानों पर ई-चेक गेट्स की स्थापना का काम निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा किया जाए।
सख्त निगरानी: ई-चेक गेट्स के माध्यम से कटने वाले चालानों की नियमित रिपोर्टिंग की जाए और आदतन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बैठक के अंत में निदेशक ने कहा कि राज्य सरकार खनन गतिविधियों में पूर्ण पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। ई-चेक गेट्स प्रणाली इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है, जिससे अवैध खनन और ओवरलोडिंग की समस्याओं पर स्थायी रूप से रोक लगेगी।
बैठक में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और आईटीआई लिमिटेड की तकनीकी टीम के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



