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Big breaking :-नए हथियारों से लैस होंगे बंदीरक्षक और जेलर, जेलों के लिए 100 SLR और 30 पिस्टल खरीदने को स्वीकृति

नए हथियारों से लैस होंगे बंदीरक्षक और जेलर, जेलों के लिए 100 SLR और 30 पिस्टल खरीदने को स्वीकृति
उत्तराखंड की जेलों में कैदियों की सुरक्षा को तैनात बंदीरक्षक प्रधान बंदीरक्षक और कारापाल (जेलर) अब नए हथियारों से लैस होंगे।

 

 

 

जेल प्रशासन पहली बार पुलिस मुख्यालय की सहायता से इनके लिए 100 एसएलआर और नाइन एमएम की 30 पिस्टल की खरीद करने जा रहा है। अभी तक जेलों में उत्तर प्रदेश के समय से मिले हथियारों का ही प्रयोग किया जाता है।उत्तराखंड की जेलों में कैदियों की सुरक्षा को तैनात बंदीरक्षक, प्रधान बंदीरक्षक और कारापाल (जेलर) अब नए हथियारों से लैस होंगे। जेल प्रशासन पहली बार पुलिस मुख्यालय की सहायता से इनके लिए 100 एसएलआर और नाइन एमएम की 30 पिस्टल की खरीद करने जा रहा है। अभी तक जेलों में उत्तर प्रदेश के समय से मिले हथियारों का ही प्रयोग किया जाता है।

 

 

 

प्रदेश में इस समय आठ जेल, एक खुली जेल और दो उप जेल मिलाकर कुल 11 जेल हैं। इन जेलों में 3461 कैदियों को रखने की क्षमता है। इसके सापेक्ष इन जेलों में निर्धारित क्षमता से तकरीबन दो गुना, यानी 6600 से अधिक कैदी बंद हैं। इनमें सुनील राठी, प्रवीण वाल्मीकि, नरेन्द्र वाल्मीकि व प्रकाश पांडेय जैसे कुख्यात कैदी भी बंद हैं, जिस कारण जेलों की सुरक्षा को और मजबूत किए जाने की जरूरत महसूस हो रही है।

 

 

 

नए हथियारों से सुसज्जित होंगे बंदी रक्षक
जेलों की सुरक्षा को लेकर काफी पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। यहां से कैदियों का फरार होना, कैदियों के पास मोबाइल मिलना, कुख्यात बदमाशों द्वारा जेल के भीतर से गैंग चलाना, जैसी घटनाएं हो चुकी है। रुड़की जेल के बाहर तो डिप्टी जेलर की हत्या और गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसे देखते हुए यहां तैनात बंदीरक्षकों और जेलर को किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए नए हथियारों से सुसज्जित करने का निर्णय लिया गया है।शासन ने इन जेलों के लिए नए हथियार खरीदने के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही सभी बंदीरक्षकों और जेलरों को इन नए हथियारों को चलाने के लिए पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित करने का भी निर्णय लिया गया है। नए हथियार खरीदे जा रहे हैं तो इन्हें सुरक्षित रखने के लिए एसओपी भी बनाई जा रही है।

सचिव गृह दिलीप जावलकर ने बताया कि जेलों में सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए नए हथियार खरीदे जा रहे हैं। पुलिस जेल कार्मिकों को इन हथियारों को चलाने का प्रशिक्षण भी देगी।










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Author: Pawan Rawat
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