उत्तराखंड

बिग ब्रेकिंग:- धामी सरकार अब गांव में घर बनाने को लेकर करने जा रही बड़ी सख्ती, जानिए क्या हैं धामी सरकार का प्लान

उत्तराखंड में अब गांवों में घर बनाना अब आसान नहीं होगा। पुष्कर सिंह धामी सरकार गांव में घर बनाने को लेकर सख्ती करने जा रही है। नियम के तहत मकान नहीं बनाने पर सख्ती भी की जाएगी। नैनीताल जिले के ग्रामीण इलाकों में आवासीय भवनों के नक्शे पास करवाना एक बार फिर अनिवार्य होने जा रहा है।

 

 

क्योंकि अब नैनीताल जिला पंचायत ने जिला विकास प्राधिकरण के क्षेत्र से बाहर के इलाकों में आवासीय व व्यवसायिक निर्माण के नक्शे पास करने क ट ऐप पर पढ़ें करेगी। इसके बदले टैक्स भी वसूला जाएगा। बिना नक्शा पास होने वाले निर्माण के खिलाफ जिला विकास प्राधिकरण के नियमों की तरह ही धवस्तीकरण, सी की कार्रवाई का भी नियम होगा।

 

नैनीताल जिला पंचायत ने इस संबंध में अपनी सार्वजनिक सूचना 19 नवंबर को जारी कर दी है। जिसमें व्यवसाय से लेकर नक्शे व टैक्स की प्रस्तावित दरें जारी करते हुए लोगों से 30 दिनों के भीतर इस पर आपत्ति नैनीताल स्थित जिला पंचायत के कार्यालय में दर्ज करवाने की अपील की है। संभवता नए साल 2023 से जिले के ग्रामीण इलाकों में भी उपविधि लागू कर दी जाएगी।

 

 

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ही राज्य सरकार ने परे प्रदेश में हो रहे प्राधिकरण के विरोध को दे ऐप पर पढ़ें जिला विकास प्राधिकरण के क्षेत्र घटा दिए थे। इस केवल शहरी इलाकों, निकायों व हाईवे के आसपास के इलाकों तक ही सीमित रखा था। पर एक बार फिर C ग्रामीण इलाकों में नक्शे की अनिवार्यता लागू होने जा रही है।

 

 

मैदानी इलाकों में 10 रुपये की दर से टैक्स पहाड़ी इलाकों में यदि एक हजार वर्ग फीट की जमीन पर आवासीय भवन बनाया जाता है तो 4 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से जिला पंचायत चार हजार रुपये सीधा टैक्स लेगी। इसके अलावा प्राधिकरण की तरह सेस व कुछ अन्य टैक्स भी जोड़े जाएंगे। जबकि जिले के मैदानी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में एक हजार वर्ग फीट की दर से सीधे 10 हजार रुपये टैक्स होगा। इलाकों में व्यवसायिक भवन के लिए यह छह रुपये प्रति वर्ग फीट व मैदानी इलाकों में 10 रुपये प्रति वर्ग फीट। की दर प्रस्तावित की गई है।

 

 

जिला विकास प्राधिकरण से आवासीय व व्यवसायि नक्शे पास करवाना आम आदमी के लिए पहले ही टेड़ी खीर बना हुआ है। शहरों में विकास प्राधिकरण के पास इंजीनियर व ढांचा होने के बावजूद धड़ल्ले से अवैध निर्माणा हो रहे हैं। ऐसे में बिना ठोस तैयारी व ढांचे के जिला पंचायत यह व्यवस्था ग्रामीण अंचलों में कैसे लागू करेगा। यह बड़ा सवाल बना हुआ है। हालांकि यह भी सच है कि ग्रामीण इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियां बड़े पैमाने पर बढ़ रही हैं। होटल, रिजॉटर्स से लेकर प्लाटिंग, पार्कंग व कई तरह की व्यवसायिक ऐप पर पढ़ें गतिविधियों में भूमि नियोजन को पूरी तरह से दराकनार किया जा रहा है।

 

 

डीडीए व निगर निकायों से बाहर के इलाकों में आवासीय व व्यवसायिक भवनों के निर्माण का नक्श जिला पंचायत पास करेगी। सार्वजनिक सूचना जारी f कर लोगों से 30 दिन के भीतर आपत्तियां दर्ज करने को कहा है। जिंप बोर्ड ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। हमारी कोशिश है कि जिला पंचायत का टैक्स कलेक्शन बढ़े और ग्रामीण इलाकों में भी नियोजित तरीके से विकास किया जाए। पहाड़ी व मैदानी इलाकों में अच्छी व सुरक्षित आवासीय व व्यवसायिक निर्माण को बढ़ावा दिया जा सके।

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Author: Pawan Rawat
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